खेतों की जुताई और सिंचाई

खेतों की जुताई और सिंचाई।

खेतों की जुताई और सिंचाई।

जुताई:- खेतो में हल चलाकर ऊपरी वाली परत को चीरकर या पलटकर और खेतो में बुआई करके या पौधों का रोपकर के योग्य बनता है, उसे जुताई या भू-परिष्करन कहलाता हैं। इस भूमिकर्य को भूमि के कुछ इंच गहराई तक हल-चलाकर मिट्टी को पलटा दिया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि नीचे की मिट्टी ऊपर आ जाता है और वायु, पाला, वर्षा और सूर्य का प्रकाश तथा ऊष्मा के होने से प्रकितियो की शक्तियां द्वारा प्रभावित किया जाता हैं और खेतो की मिट्टी भुरभुरी हो जाती है।

जुताई का सिद्धांत

जुताई के कुछ ऐसे सिद्धांत है जिनका निम्नलिखत नियमो की आपेश्वा की प्रतेक दशा की पालन करना पड़ता है जिससे उपयोग करने से पहले हल का भांति निरछन कर लेना चाहिए। और जुताई करते समय अपने हाथ की मुठिया टाईट से पकड़ने चाहिए।ताकि हल चलते समय सीधा चले और  गहराई तक जुताई हो सके।और कूड़े में सीधी हलचकर गहराई तक जुताई करनी चाहिए ताकि नीची वाली मिट्टी उल्ट पल्ट जाए।और देशी हालचलकर जुताई करने में अंतर आवश्यक छूट जाता हैं।और खेतो को जुताई से समाप्त करने के लिए कई बार जुताई करनी पड़ती है। और खेतो की मिट्टी अधिक जिला या सूखा नहीं होनी चाहिए और अधिक गीली मिट्टी कई तरह से हो जाते हैं। और सुखी मिट्टी में हल से जुताई करने से मिट्टी को सही काट नहीं पता हैं

जुताई के लिए कोई भी विशेष समय का निश्चित नहीं किया जाता है, यह कार्यक्रम स्थान कि जलवायु एवम् फासले की किस्में पर निर्भर करता है और जलवायु  के अनुसार वर्षा के खरीफ और रबी फसल में  ज्यादा विभाजित किया जाता है तथा इनके अनुसार से फासले में भी विभाजित किया जाता है। खरीफ फसल वर्षा ऋतु में होती हैं और रबी फसल जाड़े के दिनो में होता है और अधिक फसल ग्रिष्म ऋतु में होती हैं। प्रत्येक ऋतु की फसल की बुआई से पहले और कटाई के बाद खेतो को अच्छी तरह से जुताई करना आवश्यक होना चाहिए। अगर आप खेत में बुआई नहीं किए हैं तो खेतो को जुताई करे ।

अगर आप फसल को कटाई कर रहे हैं और आप खेतो को फिर से जुताई करे । रबी फसल कटाई करने के बाद अगर आप ज्यादा फसल की बुआई नहीं किए हैं तो खेतो को मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल कि पहले सप्ताह में बुआई करने के लिए फिर से खरीफ फसल लगाने के बाद बार-बार खेतो को  जुताई करना चाहिए। और यह कर्शन क्रिया का अधिकांश ग्रीष्म ऋतु में होती हैं।इस प्रकार से वर्षा के जल को धारण की क्षमता अधिक हो जाती है। इस तरह से खरीफ फसल की कटाई करने के लिए और रबी फसल की बुआई करने के लिए लगभग दो महीने का फ़सला रहता हैं ।

जुताई का यंत्र।

खेतो को जुताई का यंत्र के लिए कार्य और अनुसार चार भागों में विभाजित किया गया है :-

  1. हल
  2. हेरो और कलिवेटर
  3. पटा और बेलन
  4. अन्य छोटे-छोटे यंत्र, खुरपी, हेंड इत्यादि।

जुताई का यंत्र उपयोग करने के लिए आवश्कता समय – समय पर करना पड़ता हैं। इन चारो भागो का यंत्र को उपयोग करने के लिए मुख्य आभिप्रया करना चाहिए। कार्षण के नियमो को सिद्धांत करने के लिए खेतों की जुताई कर लेनी चाहिए।और फसल का सफ़लता पाने  के लिए सारे उपयुक्त का साधन करना पड़ता है और वातावरण की उपस्थित भी रहता हैं।

सिंचाई

खेतों में सिंचाई करने के लिए जमीन या मिट्टी के लिए पानी का एक बेहरीन प्रयोग किया जाता हैं। यह कृषि फसलों या मरुस्थलीय क्षेत्रों में खेतो की मिट्टी में नमी को कायम रखने के लिए मिट्टी और वनस्पति का मदद करता है और इसके अलावा सिंचाई और कृषि के उत्पादन करने में मदद करता है। और खतो में सित गिरने से फैसलों में  लगने से पौधों मुरझा जाता हैं और इसमें भी मदद करता है। और साथ ही मिट्टी की आप्राधन को भी रोके रखता है और मिट्टी के संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका को निभाता है।

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इसके अलावा भी भूमि पर बिना वर्षा के कृषि के उत्पादन करने में सक्षम रहता हैं। जिसे सुष्म भूमि खेतो के नाम से जाना जाता है और कृषि करने में ज्यादा उत्पाद करने के लिए पानी की व्यपार करना पड़ता है और सिंचाई करने के लिए पानी का उपलब्ध करना पड़ता है जिसके वजह से कृष उत्पादन करने के लिए। कई समस्या का सामना करना पड़ता है।

सिंचाई करने के महत्व कारण:-

  • अनिश्चित या पर्याप्त नियमो का वर्षा होना।
  • विधि प्रकार की फ़सल की पद्धति को उत्पात में पाया जाता हैं जिन्हें अधिक मात्रा में पानी की आवशयकता होती हैं।
  • सिंचित भूमि पर उन्नत की उत्पादन करना।
  • नई कृषि की पद्धति की सिंचाई की भूमिका करना।
  • उच्च उत्पाद करने के लिए बीज की बुआई करने में अधिक मात्रा में पानी की आश्यकता होती हैं।

इस तरह से खेतो की जुताई किया जाता है और खेतो में सिंचाई करने के लिए पानी का उपयोग करना पड़ता है।

निष्कर्ष :- आशा करते है की आपको ये अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा की किस प्रकार से खेतो की जुताई और सिंचाई की जाती है। यदि आपको किसी प्रकार की कोई परेशानी या दिक्कत है तो आप हमें कमेंट कर सकते है या दिए गए हमारे ईमेल पे कांटेक्ट करे।

धन्यवाद!!!!

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