February 27, 2021

बेवकूफ भेड़िया – Bewakoof Bhediya

एक दिन एक छोटा मेमना जंगल के किनारे स्थित चरागाह में चर रहा था। अचानक एक भेड़िए की निगाह उस पर पड़ी। वह उसे देखकर सोचने लगा, ‘वाह! आज तो ठीक भोजन के समय ही मुझे मेरा शिकार मिल गया।

में इसे किसी भी तरह खाकर अपनी भूख मिटाऊँगा।’ यह सोचकर भेड़िया तेजी से दौड़ा और उसने मेमने को पकड़ लिया। वह उसे खाने ही वाला था कि तभी मेमना बोला, “मुझे खाने से पहले मेरी अंतिम इच्छा पूरी करने की कृपा करो।”

Bewakoof Bhediya

भेड़िया उसकी बात मान गया और बोला, “तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है?” वह बोला, “मैं चाहता हूँ कि तुम बाँसुरी बजाओ और मैं उसकी धुन पर नृत्य करूँ। नृत्य करते-करते जब मैं थक जाऊँगा, तब तुम मुझे खा लेना।”

भेड़िया मान गया और उसने बाँसुरी बजाना शुरू की। तब मेमने ने उसकी धुन पर नृत्य करना प्रारंभ किया। बांसुरी की आवाज सुनकर कुछ भेड़ें वहाँ पर आ गई।

भेड़िए के समीप छोटे से मेमने को देखते ही उन्होंने भेड़िए के ऊपर धावा बोल दिया। भेड़िया किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा।

उसने सोचा, ‘मैं भी कितना बेवकूफ हूँ। क्यों मैंने अपने आप को संगीतज्ञ समझ लिया? यह मेरे लिए ही परेशानी का कारण बना।’

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