रक्षक – Rakshak

Rakshak

रक्षक – Rakshak- एक बार की बात है बादशाह अकबर का दरबार लगा था। जिसमे अकबर ने कहा की आलू सब्जियों में बहुत प्रयोग किया जाता है आलू सब्जियों का राजा है कौन ऐसा व्यक्ति होगा जिसको आलू पसंद नहीं होगा।

फांसी से वापसी – Phansi se Wapsi

Phansi se Wapsi

फांसी से वापसी – Phansi se Wapsi- एक बार की बात है अकबर को उनकी रानी ने कहा की आप केवल अपने दरबार में बीरबल की तारीफ करते है। मानसिंह जो की मेरा भाई है वह भी तो उतना ही बुद्धिमान है लेकिन आप उसकी इतनी तारीफ नहीं करते।

स्वर्ग की यात्रा – Swarg kee Yaatra

Swarg kee Yaatra

स्वर्ग की यात्रा – Swarg kee Yaatra- एक बार बादशाह अकबर के बाल नाई काट रहा था। नाई बोला हुजूर आपने यहाँ राज्य में तो सबके लिए अच्छा प्रबंध किया है लेकिन आपके स्वर्ग में जो पूर्वज है उनके हालचाल के बारे में पता है वह वहाँ ठीक तो है ना।

बीरबल का न्याय – Birbal ka Nyaay

Birbal ka nyaay

बीरबल का न्याय – Birbal ka Nyaay- एक बार की बात है अकबर का दरबार सजा था। अकबर के दरबार में दो व्यापारी दीनानाथ और रामप्रसाद आये। अकबर ने उनसे उनका परिचय और आने का कारण पूछा।

चार ब्राह्मण – Chaar Braahman

Chaar Braahman

चार ब्राह्मण – Chaar Braahman- एक बार की बात है एक गांव में चार ब्राह्मण रहते थे। उनमे से तीन ब्राह्मण ने कुछ न कुछ विद्या सिख रखी थी। जबकि चौथा ब्राह्मण साधारण था उसको कोई विद्या नहीं आती थी।

किसान का होशियार बेटा – Kisaan ka Hoshiyaar Beta

Kisaan ka Hoshiyaar Beta

किसान का होशियार बेटा – Kisaan ka Hoshiyaar Beta- बहुत पहले की बात है शंकर नाम का एक किसान था। वह किसानी करके और अपने पेड़ों की लकड़ियाँ बेच कर अपना गुजारा करता था। एक बार वह लकड़ियों को बैल गाड़ी में डाल कर बेचने के लिए दूसरे गांव गया।

लालची मिठाई वाला – Laalachee Mithaee Waala

Laalachee Mithaee Waala

लालची मिठाई वाला – Laalachee Mithaee Waala- एक बार की बात है दिनपुर गांव में सोहन नाम का एक मिठाई वाला था। उसकी मिठाई की दूकान पुरे गांव में प्रसिद्ध थी। सभी उसकी दूकान से आकर मिठाई लेकर जाते थे।

चालाक बकरी – Chaalaak Bakaree

Chaalaak Bakaree

चालाक बकरी – Chaalaak Bakaree- एक बार की बात है रामपुर गांव में एक किसान के पास एक बकरी थी। उस बकरी के तीन बच्चे थे। वह अपने बच्चों का बहुत ख्याल रखती थी क्योंकि पास ही घना जंगल था।

तीन भाई और पत्थर का घर – Teen Bhai aur Pathar ka Ghar

Teen Bhai aur Pathar ka Ghar

तीन भाई और पत्थर का घर | Three brothers and stone house – एक बार की बात है लालपुर गांव में तीन भाई गजेंद्र, राजेंद्र और सुरेंद्र रहते थे। उनकी आपस में बिलकुल भी नहीं बनती थी और वो आपस में लड़ते रहते थे।

कंजूस सेठ – Kanjoos Seth

Kanjoos Seth

कंजूस सेठ – Kanjoos Seth- कंजूस सेठ: एक बार धनिचंद नाम का एक सेठ था। वह बहुत कंजूस था। उसके पास कोई भी नौकर ज्यादा दिन तक नहीं टिकता था क्योंकि वह काम पर रखने से पहले नौकर के सामने तीन शर्त रख देता था।