February 27, 2021

चालाक बकरी – Chaalaak Bakaree

एक बार की बात है रामपुर गांव में एक किसान के पास एक बकरी थी। उस बकरी के तीन बच्चे थे। वह अपने बच्चों का बहुत ख्याल रखती थी क्योंकि पास ही घना जंगल था।

जिसमें बहुत से जानवर थे। वह हमेशा अपने बच्चों के पास रहती थी। एक दिन बकरी के एक बच्चे ने किसान को और एक चारा लाने वाले को आपस में बात करते हुए सुन लिया। चारा लाने वाला किसान को बोला की जंगल में तो हर तरफ हरी घास है।

बकरी के बच्चे को इतनी सारी हरी घास देखनी थी। वह चुपचाप जंगल की और चल पड़ा। जब वह जंगल में पहुंचा तो उसको 4 जंगली कुत्ते मिल गए। वह उसको खाना चाहते हे। और आपस में बात करने लगे की आज तो बहुत अच्छा शिकार हाथ आया है।

बकरी ने देखा की उसका एक बच्चा वहाँ पर नहीं है तो वह भी उसको खोजते हुए जंगल की तरफ आ गयी और अपने बच्चे को जंगली कुत्तों से घिरा पाया। बकरी को देख कर जंगली कुत्ते और खुश हो गए और बोले आज तो पार्टी होगी।

बकरी चालाक थी उसने घबराए बिना जंगली कुत्तों को बोला की मै और मेरा बच्चा शेरराज की अमानत है। उनने हमें पकड़ा है। यदि तुम हम दोनों को खाओगे तो शेरराज बहुत गुस्सा करेंगे। जंगली कुत्ते ने बोला हम कैसे माने की तुम सच बोल हो।

यह भी पढ़े :- तीन भाई और पत्थर का घर – Teen Bhai aur Pathar ka Ghar

बकरी ने बोला शेरराज ने हमारी निगरानी के लिए हाथी को यहाँ छोड़ कर गए है। हाथी वही था उसको देखकर जंगली कुत्ते मान गए की बकरी सच बोल रही है। अगर उनने बकरी को खाया तो हाथी शेरराज को बता देगा। इसलिए वह सब वहाँ से चले गए।

बकरी और उसका बच्चा जंगली कुत्तों के जाने के बाद वहाँ से चले गए। आगे जाने पर उनको शेर मिल गया। शेर ने कहा बहुत दिनों के बाद आज बकरी खाने को मिलेगी। शेर को देखकर बकरी बहुत डर गयी लेकिन हिम्मत करके बोली।

शेरराज हम दोनों को यहाँ शेरनी ने यहाँ पर पकड़ कर रख रखा है नहीं तो हम यहाँ पर क्यों होते। उसने हमको आपके लिए पकड़ा है। शेर ने बोला तुम झूठ बोल रही हो। बकरी बोली शेरनी ने हमारी निगरानी के लिए कौआ को यहाँ पर रख रखा है।

शेर ने देखा कौआ वही पर था और शेर के दहाड़ने के बावजूद भी उड़ नहीं रहा था। शेर ने बकरी की बात पर विश्वास करके उन दोनों को छोड़ दिया की शेरनी ने पकड़ा तो इनको मेरे लिए ही है। जब शेर चला गया तो बकरी और उसका बच्चा वहाँ से भाग गए।

आगे पहुंचने पर उनको शेरनी मिल गयी। शेरनी ने बोला आज शेरराज बहुत खुश हो जायेंगे। जब में बकरी का शिकार करके ले जाउंगी। बकरी शेरनी से बोली आप मेरा शिकार करने की सोच रही है शेर ने आज आपको खुश करने के लिए पहले ही हमें पकड़ रखा है। इसलिए हम यहाँ खड़े है।

Chaalaak Bakaree

शेरनी ने कहा तुम झूठ बोल रही हो। बकरी बोली उन्होंने हमारी निगरानी करने के लिए खरगोश को यहाँ पर छोड़ रखा है। ख़रगोश वहीं पास खड़ा था। शेरनी बोली शायद यह सच बोल रही है और चली गयी।

इसके बाद बकरी और उसका बच्चा जंगल से बाहर निकलकर किसान के घर पहुंच गए। बकरी के बाकि बच्चे अपनी माँ और अपने दूसरे भाई को देखकर खुश हुए। बकरी ने अपने बच्चों को कहा बच्चों हमें कभी भी मुसीबत में घबराना नहीं चाहिए और बुद्धिमानी से निर्णय लेना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 × 5 =