February 27, 2021

होशियार कौआ – Hoshiyaar kauwa

बहुत समय पहले की बात है एक राजा के महल के बगीचे में एक कौआ अपनी बीवी के साथ रहता था। वह बगीचे के सबसे बड़े पेड़ पर रहते थे। उसी पेड़ के निचे एक अजगर का बिल था।

कौए को पता था की अजगर वही रहता है फिर भी वह उस पेड़ पर ही काफी समय से रहते थे। दोनों कौए सुबह के समय भोजन की तलाश में निकल जाते थे और शाम को खाना लेकर लौटते थे।

इसी तरह समय बीत रहा था। एक दिन मादा कौए ने दो अंडे दिए। दोनों बहुत खुश थे। अगले दिन दोनों कौए अंडो को घोसले में छोड़कर सुबह खाना ढूंढने चले गए।

शाम को वह खाना लेकर लौटे। आकर उनने देखा की अंडे वहाँ पर नहीं थे। इससे दोनों कौए बहुत दुखी हुए। इसके कुछ दिनों के बाद मादा कौए ने दोबारा अंडे दिए।

Hoshiyaar kauwa

अगले दिन वह रोज़ की तरह खाने की तलाश में चले गए। उनके जाने के बाद अज़गर आया और पहले की तरह कौए के अंडे खा लिए।

जब शाम को कौए खाना लेकर लौटे। पेड़ पर लौटने के बाद उनने देखा की वहाँ से अंडे गायब थे। यह देखकर दोनों बहुत दुःखी हुए और रोने लगे।

लेकिन उनको अब समझ आ चूका था की यह जरूर पेड़ के नीचे रहने वाले अजगर का काम है। कौआ बहुत होशियार था उसने अजगर से छुटकारा पाने की सोची।

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उसने एक दिन जब रानी तालाब में नहा रही थी। तब रानी का एक हार चुरा लिया। सैनिकों ने यह सब देख लिया। वह कौए के पीछे लग गए। कौए ने वह हार ले जाकर अजगर के बिल में डाल दिया।

जब सैनिक हार निकालने लगे तो उनको अज़गर दिखाई दिया। सेनिको ने अजगर को मार दिया और हार ले लिया। इस तरह कौए ने अजगर से छुटकारा पा लिया और दोनों खुशी से रहने लगे।

Moral of the story

सीख : इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हम अपनी बुद्धिमानी से बड़ी से बड़ी मुसीबत से भी छुटकारा पा सकते है।

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