How to Grow Potatoes From a Potato

How to Grow Potatoes From a Potato? आलू से आलू कैसे उगाएं?

How to Grow Potatoes From a Potato?

What is Agriculture:-

Agriculture जिसका हिंदी में मतलब कृषि होता है, कृषि का अर्थ खेती करने से है अर्थात पौधों और पशुओ की खेती करना ही कृषि कहलाती है। कृषि का इतिहास हजारों साल पहले शुरू हुआ था। कम से कम 1,00,000 साल पहले शुरू होने वाले जंगली अनाज इकट्ठा करने के बाद, जंगली किसानों ने लगभग 11,500 साल पहले उन्हें जमीं में रोपना शुरू किया। 10,000 साल पहले सूअर, भेड़ और मवेशियों को पालतू बनाया गया । हालांकि लगभग 2 Billion लोग अभी भी निर्वाह कृषि पर इक्कीसवीं सदी में निर्भर है।

How to plant a potato:-

आलू को उपजना बहुत की सरल है लेकिन उसके लिए आपको कुछ बातो का ध्यान रखना बहुत ही अवसक है। जैसे:- बीज किन प्रकार के होने चाहिए, बीजो को कैसे रोप, आलू को किस प्रकार से रोपा जाता है इत्यादि।

आलू के बीज :-

आपको जो आलू मार्किट में मिलते है उन्हें नहीं रोपा जा सकता क्यूंकि इनमे काफी मात्रा में कैल्शियम होता हो जो पौधे को उगने नहीं देते है। इसलिए रोप जाने वाले आलू अलग प्रकार के होते है। वो आपको बाजार में सस्ते दामों में मिल जाते है।

आलू उगाने का सही समय:-

वैसे आलू को तो पुरे साल भर उगाया जाता है लेकिन आलू को उपजाने का सही समय जाड़ा (winter) होता है। क्यूंकि ठंडी के दिनों में आलू जमीं में अछि तरह से बैठते है और वो गर्मी के साथ साथ ठण्ड को भी बरकार रखते है जिससे है की आलू जाएदा और बड़ी की मात्रा में उगते है।

Plant a Potato:-

यदि आप आलू की खेती करना चाहते हो तो और आपको ये पता नहीं है, की आलू की खेती कैसे और कब की जाती है तो आपको इस लेख को पढ़ने के बाद पता चल जाएगा की किस प्रकार से आलू की खेती की जाती है। तो चलिए जानते है की कैसे स्टेप to स्टेप आलू की खेती की जाती है।

  • सबसे पहले तो आपके पास एक अच्छी-खासी बड़ी और साफ़ जमीन होनी चाहिए।
  • सबसे पहले जमींन की जुताई की जाती है, जिससे की मिट्टी रेत (बालू) की तरह हो जाये।
  • मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए मिट्टी में गोबर या खाद को मिलाये।
  • फिर मिट्टी में जमींन के एक साइड से दूसरे साइड तक 1 से 2 फिट की गढ़े वाली लाइन बनाये।
  • फिर गढ़े में खाद और उपजाऊ बनाने वाले समान की एक परत बना दे, जिससे की आलू और भी जाएदा उपजाऊ हो जाये।
  • फिर आलू के बीज को 5-6 इंच की दुरी पे लाइन में जमींन में बैठाये।
  • आलू को बैठाने के बाद उन्हें मिट्टी से ढँक दे।
  • उसके दोनों साइड थोड़ा गढ़ा कर दे ताकि पानी जमा हो सके।
  • इतना करने के बाद आप थोड़ी दिनों का वेट करे।
  • करीबन 15-20 दिनों बाद आलू के साइड-साइड वाले गढ़ो में पानी भर दे।
  • फिर उसके 15-20 दिनों बाद आलू को कोड़ा जाता है।
  • आलू के साइड-साइड से उसके जमींन वाले मिट्टी को थोड़ा-थोड़ा कोडना है।
  • ताकि आलू में थोड़ी हवा पहुंच सके और आलू तक अचे से पानी पहुंच जाए।
  • फिर उसे 1-2 दिनों बाद वापस से उसी तरह से ढक दे।
  • फिर 1 महीने बाद उसमे दोबारा से पानी डालना है।
  • फिर उसके 1 महीने बाद फिर से एक बार और आखरी बार पानी देना है।
  • और उसके कुछ दिनों करीबन 20-25 दिनों बाद आपका आलू त्यार हो जायेगा।
  • फिर आप उसे जमींन से निकल कर के खा सकते है।
  • आपका आलू त्यार रहेगा, इस पूरी क्रिया में आपको करीबन 3 महीने से भी अधिक का समय लगेगा।

आलू को खोदना और जमा करना :-

आलू के पाते जब पिले हो जाये तो इसे कोडना चाहिए। और इसके 15 दिन पहले इसमें कोई पानी नहीं डालना चाहिए । आलू को जमीं के निचे से निकलने के बाद उसे जमींन पे फैला कर के 2-3 दिनों के लिए छोड़ देना चाहिए। और उसे कम तापमान वाले गाह्रो में रखना चाहिए ताकि वे सड़े-गले ना। और फिर कुछ दिनों बाद उन्हें बोर में भर कर के स्टॉक रूम में रख देना चाहिए ताकि बाद में उसका उपयोग किया जा सके।

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