February 27, 2021

फांसी से वापसी – Phansi se Wapsi

एक बार की बात है अकबर को उनकी रानी ने कहा की आप केवल अपने दरबार में बीरबल की तारीफ करते है। मानसिंह जो की मेरा भाई है वह भी तो उतना ही बुद्धिमान है लेकिन आप उसकी इतनी तारीफ नहीं करते।

अकबर ने कहा की मानसिंह भी होशियार है लेकिन बीरबल सभी वजीर में से सबसे ज़्यादा बुद्धिमान है। रानी ने कहा आप एक बार मानसिंह को मौका देकर तो देखिये। अकबर ने कहा ठीक है मै दोनों की एक परीक्षा लेता हूँ तुम देख लेना इसमें बीरबल साबित कर देंगे की वही सबसे बुद्धिमान वजीर है।

अगले दिन बादशाह अकबर ने दोनों वजीर बीरबल और मानसिंह को बुलाया और कहा आपको ईरान देश जाकर वहाँ के राजा को हमारा सन्देश देना है। वह हमारे सबसे अच्छे मित्र है इसलिए हम अपने सबसे अच्छे वजीर को वहाँ भेज रहे है।

दोनों अकबर का सन्देश लेकर ईरान के लिए रवाना हो गए। ईरान पहुंच कर उनने वहाँ के राजा को अकबर का सन्देश दिया। सन्देश पढ़ कर वह हैरान हो गए क्योंकि उसमे दोनों वजीरों को फांसी की सजा देने के लिए कहा गया था।

राजा ने अपने वजीर से इस बारे में चर्चा की वजीर ने बोला शायद ये दोनों वहाँ पर बहुत प्रसिद्ध हो इसलिए अकबर ने इनको वहाँ फांसी नहीं दी। राजा ने भी सोचा शायद ऐसा ही हो इसलिए अकबर ने हमें यह सन्देश भेजा है।

ईरान के राजा ने बीरबल और मानसिंह को बंदी बना कर कल सुबह फांसी देने को बोला। मानसिंह यह सुनकर बहुत दुखी हो गया और फांसी न देने के लिए गुजारिश करने लगा लेकिन सैनिक दोनों को बंदी बनाकर जेल में ले गए।

यह भी पढ़े :- स्वर्ग की यात्रा – Swarg kee Yaatra

जेल में जाकर भी मानसिंह बहुत दुखी था उसने बीरबल को बोला हमको कल सुबह फांसी होने वाली है और तुम शांत बैठे हो और दरबार में भी तुमने ईरान के राजा से कोई फरियाद नहीं की। बीरबल बोला तुम शांत हो जाओ कल हमें फांसी नहीं होगी मै एक तरकीब बताता हूँ।

अगली सुबह सैनिक दोनों को फांसी देने के लिए लेकर गए। फांसी की जगह पर जाकर दोनों आपस में लड़ने लगे पहले मै फांसी पर चढ़ूंगा कहकर। राजा ने कहा तुम दोनों पागल हो क्या तुम जल्दी मरने के लिए क्यों लड़ रहे हो।

तब बीरबल ने कहा की हमारे धर्म गुरु ने कहा था की आज जो पहले फांसी पर चढ़ेगा वो अगले जन्म में राजा बनेगा और जो उसके बाद फांसी पर चढ़ेगा वह प्रधानमंत्री बनेगा। हमारे धर्म गुरु कभी गलत नहीं होते।

राजा ने अपने वजीर से बात की शायद इनकी बात सच हो और हमारे पास इनको फांसी पर चढाने की कोई खास वजह भी तो नहीं है। इसलिए इन दोनों को अकबर के लिए सन्देश देकर वापस भेज देते है। उनने ऐसा ही किया और दोनों को रिहा कर दिया।

Phansi se Wapsi

अकबर के पास पहुंच कर मानसिंह ने ऐसा करने की वजह पूछी तो अकबर ने बोला मै तुम दोनों की परीक्षा ले रहा था। लेकिन तुम यह बताओ तुम दोनों वहाँ से रिहा कैसे हो गए। मानसिंह ने कहा बीरबल की बुद्धिमानी की वजह से हमारी जान बच पायी।

अकबर ने बोला मैने एक सैनिक बाद में दूसरे सन्देश के साथ भेजा था यदि वह तुमको फांसी पर लटकाने लगते तो वह सैनिक सन्देश को ईरान के राजा को दे देता।  इसके बाद सबने बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ की और रानी ने भी बीरबल की तारीफ की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one − one =